ग्रामीण ऋण मुक्ति विधेयक मंजूर,साहूकार से लिया कर्ज और ब्याज होगा माफ
भोपाल
प्रदेश में अनुसूचित क्षेत्रों के अनुसूचित जनजाति वर्ग के व्यक्तियों को गैर लायसेंसी साहूकारों के चंगुल से बचाने के लिए कानून लाने के बाद अब शिवराज सरकार ने ग्रामीण क्षेत्र के छोटे और मझौले किसानों के साथ भूमिहीन कृषि श्रमिकों को भी इसके दायरे में लाने का निर्णय किया है। इसके तहत मध्य प्रदेश ग्रामीण ऋण विमुक्ति विधेयक लाया जाएगा, जिसके मसौदे को मंगलवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में मंजूरी दी गई। अब इसे विधानसभा में प्रस्तुत करने के लिए राष्ट्रपति की अनुमति लेने भेजा जाएगा।
यदि कोई गैस लाइसेंसी साहूकार इस विधेयक का उल्लंघन करता है, तो उसके लिए 3 साल की सजा और 1 लाख रुपए जुर्माने का प्रावधान किया गया है। इतना ही नहीं, सिविल न्यायालय में गैर अधिनियम के दायरे में आने वाले प्रकरण की सुनवाई नहीं होगी। ऋण वसूली के लिए राजस्व प्रक्रिया के तहत चल रही कार्रवाई भी समाप्त हो जाएगी। विधेयक को राज्यपाल की मंजूरी के बाद सरकार इसे विधान सभा में पारित कराकर लागू करेगी।
शिवराज कैबिनेट की 6 महीने 10 दिन बाद मंत्रालय में एक्चुअल बैठक हुई यानी सभी मंत्री बैठक में शामिल होने मंत्रालय पहुंचे। पहले मंत्रिमंडल विस्तार के बाद 2 जुलाई 2020 को एक्चुअल बैठक हुई थी, लेकिन संक्रमण के कारण इस अवधि में वर्चुअल बैठक हो रही थी।

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